Friday, July 7, 2017

जब द्रौपदी ने दोनों हाथ उठाए तब प्रभु आए

*🌹🌿🌹🌿राधे राधे दोस्तों।🌿🌹🌿🌹🌿*

*🌿🌹🌿🌹🌿⛳⛳☘🌺आपने देखा होगा कि दोनों हाथ उठा कर राधे राधे,जय श्री श्याम,हर हर महादेव किया जाता है;वो क्यों किया जाता हैं मैं आपको बताता हूँ☘🌺☘*

*☘🌺☘आप सभी को स्मरण होगा जब महारानी द्रौपदी भरी सभा में अपने पाँच अतिबलशाली पतियों , पितामह भीष्म , गुरू , सभी से विनती करती रही ,☘🌺☘*

*☘🌺☘अपनी लाज बचाने व स्वयं ही साडी़ पकड़ कर एक असफल प्रयास करती रहीं पर जब कोई भी लाज़ बचाने ना आया ........☘🌺☘*

*☘🌺☘तो बस अपने प्रिय सखा को साडी़ को छोड़कर दोनों हाथों को ऊपर उठाकर करूण पुकार लगाई ....☘🌺☘*

*☘🌺☘प्रभु ने एक क्षण ना लगाया द्रौपदी की लाज बचाने में 999 साडियाँ पहनाई श्री केशव ने .......☘🌺☘*

*☘🌺☘हम लोग अपने दोनों हाथो को ऊपर उठा कर 🙌🏻 कीर्तन, सत्संग क्यों करते हो जबकि ये तो बिना हाथ ऊपर करे भी किया जा सकता हैं ?☘🌺☘*

*☘🌺☘श्रील प्रभुपाद बताते है बच्चा जब छोटा होता हैं, तब वो अपनी माँ को देख कर अपने दोनों हाथो को ऊपर उठा कर मचलने लगता हैं, तड़पने लगता हैं वो ये कहना चाहता हैं की मुझे अपनी गोद में उठा कर अपने सीने से लगा लो, ठीक वैसे हैं जब एक भक्त हाथ उठा कर सत्संग करता हैं तो वो ये कहना चाहता हैं कि,☘🌺☘*

*"हे गोविन्द" "हे करुणानिधान" "हे गोपाल" "हे मेरे नाथ "*

*☘🌺☘ आप मेरा हाथ पकड़ लो और मुझे इस भव सागर से इस दुखरूपी भौतिक संसार से बाहर निकाल कर अपने चरणों से लगा लो मेरे जीवन की नय्या को पार लगा दो प्रभु मुझे इन 84 लाख योनियों के चक्कर से मुक्ति दीजिये "गोविन्द"..*
*!! हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ! हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे !!⛳⛳⛳🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿*

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